गणेश नाथ तिवारी ‘विनायक’ जी के लिखल कुछ भोजपुरी रचना

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बबुआ के कोशी भाखल बा

ढेर दिन से भाखल बाटे अबकी राऊरा आई जी
देरी जनी करि रऊरा ध ली फलाइट जी
चलल जाई संघे छठी माई के घटिया
बबुआ के कोशी भाखल बा

गेहुआ के फटक धोइ हमहू पसारब जी
चउका चूल्हा साफ क के ठेकुआ के छानब जी
राऊरा ले ले आई चुनरी पियारिया
बबुआ क कोशी भाखल बा

जा के रऊरा गोठिनी से गागल लियाई जी
बड़का सोनार किहा छागल बनवाई जी
हम त भूखल बानी छठ क बरतिया
बबुआ क कोशी भाखल बा

गंडकजी के तीरे छठी घाट बनवाई जी
धोतिया पियरिया माई के नामे रंगवाई जी
हम देबे जाइब सुरुज के अरघिया
बबुआ क कोशी भाखल बा

ठेकुआ परसादी के हम करब तैयारी जी
अदरख शरीफा काँच हरदी उखारी जी
ले के माथ पर पहुचा दीं दउरिया
बबुआ क कोशी भाखल बा

ढेर दिन से भाखल बाटे अबकी राऊरा आई जी
देरी जनी करि गणेश जी ध ली फलाइट जी
चलल जाई संघे छठी माई के घटिया
बबुआ के कोशी भाखल बा

छठी माई के करबो बरतिया

आदर सतकार से बोलाइब,
चरन दबाइब ,
थरिया सजाइब हो
सैंया छठी माई के करबो बरतिया
मइया के गुन गाइब हो

छठी के बरत नर नारी करे जग में
भगती के जोश जागे खूब रग रग में
छठी माई के चुनरी बढ़ाइब
लोग के बताइब
जाउर बनाइब हो
सैंया छठी माई के करबो बरतिया
मइया के गुन गाइब हो

माथा पर लेइ के कोसी के दउरा
घाटे पहुंच गइनी माई के चउरा
नरियर फलवा चढाइब
मइया तऽ सिर नवाइब
कोसी भरवाइब हो
सैंया छठी माई के करबो बरतिया
मइया के गुन गाइब हो

छठि माई के लागल बाटे पहरा
तs उगते सुरूज भिनुसहरा
गइया के दूधवा मंगाइब
गणेश के बोलाइब
अरघ दिलवाइब हो
सैंया छठी माई के करबो बरतिया
मइया के गुन गाइब हो

आदर सतकार से बोलाइब,
चरन दबाइब ,
थरिया सजाइब हो
सैंया छठी माई के करबो बरतिया
मइया के गुन गाइब हो

छठी माई से करि हथजोरिया

छठी माई से करि हथजोरिया
पूजब चरण तोहार
दिहि ना ए छठी मइया दरस
आई अँगना दुआर

आई अँगना दुआर छठी मइँया
आई अँगना दुआर

कोसिया भरत हम बेटा मांगिले
निमन मंगेनि पतोह ए छठी मइया
आई अँगना दुआर

सुनर सुनर बेटी एगो मांगिले
पढ़ल लिखल दामाद ए छठी मइँया
आई अँगना दुआर

बेटा खतिरा मांगिले सुनर लक्ष्मी
बेटी खातिर सुनर ससुरार ए छठी मइँया
आई अँगना दुआर

अपना खातिर मांगिले लाल सेनुरवा
बनल रहे एहवात ऐ छठी मइँया
आई अँगना दुआर

ढेर नाही चहि थोर नाही चाही
बनल रहे परिवार ऐ छठी मइँया
आई अँगना दुआर

आई अँगना दुआर छठी मइँया
आई अँगना दुआर

छठी माई से करि हथजोरिया
पूजब चरण तोहार
दिहि ना ए छठी मइया दरस
आई अँगना दुआर

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