लइकाई के खेल ओका – बोका : मास्टर अजीज

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लइकाई के खेल ओका - बोका
लइकाई के खेल ओका – बोका

ओका – बोका एगो खेल बा । एह में कुछ लइका गोलाई में बइठल रहे ला । सभे आपन तरहत्थी गोल के ऊपर उठइले रहेला । अंगुरी सब गोर खानी नीच रहेला । एगो लइका आपन एगो हाथ खाली राखेला । ओही हाथ के अंगुरी से सबके गोल ऊठल हाथ के बारी-बारी से छुए ला आ गीत गावे ला –

ओका-बोका तीन तरोका
लउआ लाठी
चनन काठी
चनना के नाम का?

गाना के आखिर में जेकरा पर अंगुरी पड़ेला कहेला – इजई, बिजई पान ले फूलेला एक हाथ खाली राखे बाला लइका उत्तर देने वाला लइका के हथेली पर मार के ओकरा पुचुका देवेला । गते-गते सभ लइका के हाथ पुचुका दिहल जाला । बारी-बारी से सबई हथेली के चमड़ा पकड़ के पूछल जाला – सूप लेव कि चलनी ।

बच्चा अगर सूप कहता त ओकर चमड़ा पकड़ के खींचत कहल जाला फटकऽ ज, फटकऽ, अगर बच्चा चलनी कहऽ ता, त जे चमड़ा पकड़ले बा लइका कहऽ ता चालऽ, चालऽ। आखिर में कुल्हि बच्चा एकका ऊपर एक आपन-आपन हथेली राखेला । सब उलट-पुलट के हथेली पर मारेला आउर गावे ला –

अटकन-मटकन दही चटाकन
बर फूले, बरइला फूले
सावन में करइला फूले
सावन गइले चोरी
धर कान मरोरी ।

इहे गीत गावत लड़िकन एक-दूसरा के कान पकड़ले गोल-गोल घूमे ला ।

फेर सभे एक-दूसर के कान पकड़ ले
बइठ जाला आ गोल-गोल झूलत गावेला–
मामा हे । मामा ! मामी के गगरिया काहे फोरलऽ हो मामा ।
मामी हो मामी ! चिंटी के झुण्डा छोड़ इहऽ हो मामी ।
इहे करत सब हसंत लाता-लूती करत खेल खतम करेला ।

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