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देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी कविता

कवन बात हम सीखीं -------------------------------- केकरा से जीनीगी के बात हम सीखीं। भईल समाज कनईल के फेंड़, उगल बा सगरो बेवहार के रेंड़। संस्कार के जलकुंभी हरिआता, चारो देने खाली...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कांवर गीत

भोजपुरी कांवर गीत चलीं बैजु के धाम (भाग-1) ----------------------------------- सावन में नाया कांवर कीन दीं पिया, चलीं बैजु के धाम, जीनीगी के पुरा होई हर अरमान, चलीं बैजु के...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता कईसन बिधना के...

कईसन बिधना के रीत समय अईसने बा बहकि जाला केहु, तनीए सा मिलते सहकि जाला केहु। चाहला प तनिको मिलल ना जवन, छनही में काहे बमकि जाला केहु। बिधना...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल सोहर

सोरठी तर्ज पर देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल सोहर मोरा पिछुअरिया सीरीसिया के गंछिया, सीरीसिया के गंछिया हो, ताहि पर बोले बनमोर नु ए राम। होत भिनुसरवा...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी बचावे के परी

लंगटा ह लंगटे रही लंगटे ई गाई माई बहिन के ई अपने गरिआई, अपना के बुझेला बड़का गवईया बेटी बहिन के ई मंच प लुटाई। इजत के बेंच...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत यार का रहे...

एगो नाया पति पत्नी के गवना भईल रहे। एकदिन आपसे में देवर भाई आ भउजाई कइसे मजाक में एक दोसरा से बात करता लोग...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

भोजपुरी गीत सईंया रंगबाज बनि के घुमत चले सईंयाजी हमार रंगबाज हो, खोरी में लसारि दिहले कुलवा के लाज हो।टेक। नाच देखे घुमत...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दीदीया के देवरा भोजपुरी गीत

जब भईया के ससुरारी भऊजी रहेली ओहघरी देवरलोग कवनो ना कवनो बहाने जाला। बाकी निगाह त भऊजी के कुंवार बहीन प रहेला। ई नाता...

प्रस्तुत बा देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी...

भोजपुरी गीत अजबे दुखाता डभकता ता भीतरे भीतर अजबे दुखाता, बता दे दवाई केहु ना हमरा बुझाता। टेक। कवनो दवाई हमरा कामे नाहीं आवे, डाक्टर हकीम चाहे कुछुओ...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी गीत

ननदो हमार हई घरवा के चान हो पियवा के हमरा ई जिया के परान हो, ननदो हमार हई घरवा के चान हो। झुमुकी झुमुकी जब घुमे...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

भोजपुरी कविता काशी धाम काशी के का कहीं कहल ना जाव स्वर्ग के समान सांच गंगा में नाव। पावन पुनीत जल एहीजे भेंटाई जीनीगी बितावे के असली ह...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी होली गीत सईंया ई...

झुरू झुरू बह तरूए फागुन के हावा, सईंया ई त कह। कहिया ले गवना करईब हमार, सईंया ई त कह। संगही के सखी सभ भईली रसगुला, अपना पिया के...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत चाहत के गीत...

प्यार कईले रहीं उ भेंटाई कि ना, जवन सोचले रहीं उ बताईं कि ना। रात दिन जवना मूरत खोजत रहीं अपना भावना के फुलवा से पूजत रहीं, एह...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता मुंह कहवां बोरीं

कह ए भोजपुरिया भईया हीक भ भोजन कहां झोरी कमाईल त मिलत नईखे कह मुंह कहवां बोरीं? कतना दिन ले आस लगवनी कुछ कटि जाई दिन मोर तुहीं कह...