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Tag: भोजपुरी कविता

दीपक तिवारी जी के लिखल खिचड़ी प एगो कविता

परनाम ! स्वागत बा रउवा जोगीरा डॉट कॉम प , आई पढ़ल जाव दीपक तिवारी जी के लिखल भोजपुरी कविता खिचड़ी , पढ़ीं आ...

सौरभ भोजपुरिया जी के लिखल दू गो भोजपुरी कविता

आई पढ़ल जाव सौरभ भोजपुरिया जी के लिखल दू गो भोजपुरी कविता, पढ़ीं आ आपन राय दीं की इ भोजपुरी कविता रउवा कइसन लागल,...

बब्लु सिंह जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

आई पढ़ल जाव बब्लु सिंह जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता, पढ़ीं आ आपन राय बताइ कि रउवा कइसन लागल, रउवा सब से...

विवेक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कविता

बसंत के नशा गजब के नशा छा गईल बा ! ई बसंत जहीया से आगईल बा !! !! आपन-मन-अपने अगराईल ! कबो बधार त कबो बगईचा घुम आईल...

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के लिखल ठाठा के हँसीं बेमारी भाग...

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के भोजपुरी कविता लिखल ठाठा के हँसीं बेमारी भाग जाई घटना एगो देखनी जब जात रहनी कमाये एगो छाँटल कंजूस गइलन काशी मे नहाये गंगा...

दीपक सिंह जी के लिखल भोजपुरी कविता कह के चल गइल

जेकरा कवनो लूर ना रहल, उहो कह के चल गइल साफ करत रह गइनी हमके सजी कचर के चल गइल ई ठीक बा,अइसे होला हम समझावत रह गइनीं रे बकलोल,...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल दू गो भोजपुरी कविता

कवन बात हम सीखीं -------------------------------- केकरा से जीनीगी के बात हम सीखीं। भईल समाज कनईल के फेंड़, उगल बा सगरो बेवहार के रेंड़। संस्कार के जलकुंभी हरिआता, चारो देने खाली...

कवि ह्रदयानन्द विशाल जी के लिखल कविता फटक के लऽ फटक...

बोलत नइखीं त बुझतारअ की सबसे लमहर घाँक बा ताहरा कवनो गरजे नइखे त हामरा कवन ताक बा काम निकल जाला तहिये से गिरगिट नियन बदल जालअ राम राम सुनला...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता कईसन बिधना के...

कईसन बिधना के रीत समय अईसने बा बहकि जाला केहु, तनीए सा मिलते सहकि जाला केहु। चाहला प तनिको मिलल ना जवन, छनही में काहे बमकि जाला केहु। बिधना...

विनोद भोजपुरीया जी के लिखल एगो भोजपुरी कविता

जिनगी के सपना सगहि सजावेली।। दिनभर हसेली हमके हॉसावेली ।। होखेला हमनी भले तकरार हो ।। हमार बेलना वाली हमरे से करेली प्यार हो।। भुखाइल -पियासल जब घरवा...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

मुरारी कहां भेंटईहें भरल बाडे़ दुशासन सगरो चीर कहां से अईहें, करीं अरज कर जोडि़ के मुरारी कहां भेंटीहें। डेगे डेगे चीर खींचाता द्रौपदी के लाज के, भीष्म बनि देखतरुए ई दुनिया...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता तोहार शहर से अच्छा...

तोहार शहर से अच्छा मोरा गाँव $$$ तोहर शहर से अच्छा मोरा गांव $$ बा कुईया के ठंढा पानी 2 अउर पिपरा के छाव बा तोहार शहर...

देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी कविता हम भोजपुरीया

दुखवा कलेसवा में हिमत ना हारीला, सुखवा में कबो ना धाधाईं भोजपुरीया। सभके हो सुख चैन इहे हम मनाईला, दोसरा के दुख के संघाती भोजपुरीया। महला दुमहला के...

सौरभ कुमार जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता आ गीत

प्यार ना करती जानती की तू बेवफा बनबू ता प्यार ना करती दिल के धड़कन ना बनाईती ताहरा पर ना मरती हमरा मन के चमन में बसल...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता रे माई

तोहरा से मिलल ई सास तोहरे से मिलल ई जीवन रे माई, तोहरे से ई सब रिश्ता तोहरे से जुडल ई तन-मन रे माई, दुनिया ता...

सौरभ कुमार जी के लिखल भोजपुरी कविता बेटी

तुही ता हमार ताकत होउ ये माई हमरा के कोखिये में मत मारा ये माई आइब एह दुनिया में तोहर नाम रौशन करब दुःख दर्द सहब केहू...

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार

जिअत मुर्दा के कब्रिस्तान बा बिहार, जोना में जान त बा बाकिर बेजान बा बिहार।। भोजपुरी भोजपूरी सब चिल्लाता, कहा से मिली भोजपुरी के मान्यता।। जे ज्यादा पढ़त...

शशिकान्त पाण्डेय जी के लिखल चार गो भोजपुरी कविता

रोज रोइला चिल्ला के करीबी ह सुन के दहाड़ के बाकी हम का करि हो समझ ना पाई छुपल हरकतवा के रिश्ता के...

विबेक कुमार पांडेय जी के लिखल तीन गो भोजपुरी कविता

हम ना जननी कि अइसन जुटान होइहें माई भाखा में गंगा असनान होइहें सभ चेहरा खिलल बा रंगे प्यार से सभे गले मिल रहल बा दिली...

डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल कुछ भोजपुरी कविता

लइकन सबके कविता पढ़ावल जरूरी बा पथराइल आँखन में गंगा बहावल जरूरी बा दिलन के दरार के दूरी मिटावल जरूरी बा I परदा के पीछे...