विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल चार गो चईती गीत

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ढरऽ ढरऽ ढरके नयनवा हो रामा
सजनवा के हुके,
सजनवा के हुके, बलमुआ के हुके, ढरऽ ….।

संझिया जोहेला अध रतिया जोहेला
हियवा दरदिया से दुखे हो रामा, बलमुआ…।

अमवा के बगिया से आवेला सबदिया
कोइली बचनिया कुहूँके हो रामा, बलमुआ….।

करी के गवनवा भवनवा से गइले
मानी के कि गोरिया सुसुके हो रामा, बलमुआ…।

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विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

ननदी अब भइया तोर अइहें हो रामा,
तोरा काहे दाहता,
तोरा काहे दाहता हो, तिकऽतनी राहता, ननदी…।

बोलिया लागेला रामा तीर जइसन साले
मनवा ना झगरा बेसाहता हो रामा, तोरा…।

पिया परदेसिया जिनिगिया संघाती
चहले करेजवा के चाहता हो रामा, तोरा…।

भोर भिनुसरवा सरधवा पुराई
आश के किरिनिया उगाहता हो रामा, तोरा… ।

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कगवा उचरेला अंगनवा हो रामा,
पिया के अवनवा,
पिया के अवनवा हो, सईंया के अवनवा, कगवा…।

दिनवा गिनत रामा दुखली अंगुरिया,
सुधिया के पुरी अरमनवा हो रामा, पिया…।

अंगना लिपाईं रामा केशिया सँवरली,
टिकुली निरेखी दरपनवा हो रामा, पिया…।

लोटवा के पनिया मिसिरिया के ढेला,
इहे दिहब हम जलपनवा हो रामा, पिया…।

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रामा पिया परदेसिया, कंगनवा ना लइले ए रामा,
हमरा के,
पियवा असहीं फुसलइले ए रामा, हमरा…।

रामा पिया परदेसिया, चुनरिया ना लइले ए रामा,
हमरा के,
हँसी हँसी असहीं रिझइले ए रामा, हमरा…।

रामा पिया परदेसिया, मुनरिया ना लइले ए रामा,
हमरा के,
डिहरी बनजरिया घुइले ए रामा, हमरा ….।

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