विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल गजल / निर्गुन

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तोहरे नाम जिनगी

आवऽ जिनगी में सहारा तूँ बनऽ
मझधार में बानी किनारा तूँ बनऽ

बेबस जिनगी के कहानी बा आतुर
अन्हरिया हरऽ उजियारा तूँ बनऽ

हँसी ना जनाला कबो जिनगी में
सुधिया के हमरा नजारा तूँ बनऽ

छेड़े राग लागी ई सरगम के बंशी
बिकल परान के पियारा तूँ बनऽ

लिख बय देलीं तोहरे नाम जिनगी
आवऽ आवऽ अब इसारा तूँ बनऽ ।
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कहाँ दूर जाई

दिल में बसल जे कहाँ दूर जाई
पराई तऽ कहाँ , कहाँ दूर पराई

टूटी त दरपन टूटल बस कहाई
शीशा के कुल्ही कहाँ चूर जाई

सटल धूर बाटे सनेह बनके माथे
बिगल सनेह के कहाँ धूर जाई

तिकले नैन जे सूरत घूर घूरके
संगे लागी रही, कहाँ घूर जाई

कैद भइल बा दरदिया के टहका
टहका टूटी तऽ कहाँ दूर जाई।
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लोग इहाँ बा बेगाना ए राम

ए लकड़ी तूँ साथ निभाना,
लोग इहाँ बा बेगाना ए राम….।

सबकर देखलीं स्वार्थ के रिश्ता,
सांच बात बा बताना ए राम
ना अटेला अंत तक लोगवा
सांच में मुँह बा फुलाना ए राम,
ए लकड़ी तूँ साथ निभाना, लोग…।

भाई जोहेला धन में हिस्सा
जब कि प्रेम खजाना ए राम,
बैर बेसाहेला बेटा होइके
उलुटा रीत बा जमाना ए राम,
ए लकड़ी तूँ साथ निभाना, लोग…।

जौन पतरिया खाला लोगवा
छेद करे का छिपाना ए राम,
गिरगिट नियन रंग बदलेला
कब बदली का छिपाना ए राम,
ए लकड़ी तूँ साथ निभाना, लोग….।

बिन ब्याज के तोहसे रिश्ता
जनम जनम के पुराना ए राम,
विद्या के बस इहे निहोरा
लकड़ी सेज सो जाना ए राम,
ए लकड़ी तूँ साथ निभाना, लोग…।
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फाटल जाता सिअल छाती

लुटल जाता संचल थाती, फाटल जाता सिअल छाती,
आहे आहे ननदो,
जनलीं ना अइसन दिनवा आई नू हो राम।

चोरिया ना कइले पियवा, तबो बान्हल गइले पियवा,
आहे आहे ननदो,
जनलीं ना वकिलवो छुटुकाई नू हो राम ।

तार बाबू तार लइलन, आ खबर खबरदार लइलन
आहे आहे ननदो,
जनलीं ना नगिनिया डँसे आई नू हो राम ।

सोगे ना एहवाती रोवे, नयना अँचरिया भिंगोवे,
आहे आहे ननदो,
मांगी ना केकरा से अब दोहाई नू हो राम।
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नदिया के तीरे हिरना

पिअत रहले पानी हिरना, नदिया के तीरे हिरना
आहे आहे सखिया,
तले ना बहेलिया बेधी देलस ए राम,… ।

कले कले आइल व्याधा, देखी मुसुकाइल व्याधा,
आहे आहे सखिया,
हरि जी के नमवा हिरना लेलस ए राम,…।

पानी एक बूंद मंगलस, पूरा ना समुंद मंगलस
आहे आहे सखिया,
व्याधा ना पपनिया पोंछी लेलस ए राम,…।

छमा करऽ हिरना भइया, कहे व्याधा परी पंइया
आहे आहे सखिया,
व्याधा के ना बनवा जनवा लेलस ए राम,….।

हिरना भइया सरग जइहें, गलती व्याधा के लइहें
आहे आहे सखिया,
व्याधा के करमवा नरकवा देलस ए राम,…।
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बहुआ भइली पराया ए राम

लागल बा पलकी में ओहरिया,
ले ले जाला कँहरिया ए राम,…।

पियवा निठुर डोलिया ना रोके,
नैना नीर बहावे ए राम
बावरा भइल बाटे मन सोगे
बिह्वल होके धावे ए राम
फैलल बा नगरी में खबरिया, ले ले…।

टिकुली सटली कइली सेनुरवा
चलली देस बिराना ए राम
टूट गइल जइसे बा नेहिया
लौटी फिर ना आना ए राम
डाली देलस ठगवा भोरहरिया, ले ले…।

सोना ना लुटल चानी ना लुटल
ना लुटल खजाना ए राम
जवन नगरिया चलली गोरिया
भाग लेके पछताना ए राम
मुश्किल बा बान्हल अँकवरिया, ले ले…।

सास सोहागिन सीर धुनेली
बहुआ भइली पराया ए राम
ना पुकार अब दुलहिन सुनेली
रूठ गइल आज छाया ए राम
ना फेरेली बहुआ नजरिया ,ले ले…।

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