विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल चइती गीत

विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

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महुआ महके भिनुसरवा ए रामा,
बलम जी के बगिया,
बलम जी के बगिया, सजन जी के बगिया, महुआ…।

बलम जी के बगिया में दस दस महुइया
मोतियन के दाना नियन चुवेला भुँइया
कोइली कढ़ावेली रगिया हो रामा, बलम…।

ननदी के अलगे ना नखरवा चलेला
चलेला त चलेला ना झगरवा चलेला
चुनरी में लागी किया दगिया हो रामा, बलम…।

महुआ उठाईं कि हम टिकुली उठाईं
सइया जी के नेहिया के टिकुली झुठाईं
लउके ना बलम जी के पगिया हो रामा, बलम…।

बलम रहीते घरवा त तनि पतिअइते
महुआ के बगिया में तनि बतिअइते
चइत मास देता ई दरदिया हो रामा, बलम…।

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विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

ए रामा बैरिन भइली निंदिया, सोहावन लागे बिंदिया ए रामा
लिलरा के, गिरि गिरि जाला मोरी बिंदिया ए रामा,
लिलरा के…।

ए रामा ललसा के लसवा, चपकी बिंदिया धरे ए रामा
हियरा के, हियरा हहरे त बुझावे ए रामा,
जियरा के… लिलरा के…।

ए रामा सवती के बतिया, सतावे अधरतिया ए रामा
अँखिया के, अँखिया के देला बेचैनिया ए रामा,
अँखिया के… लिलरा के…।

ए रामा पिया परदेसिया, पत्थर कइले छतिया ए रामा
पतरी के, पतरी के गँतरी बनइले ए रामा,
पतरी के… लिलरा के…।

ए रामा निझवे के निझइत, अँगोरवा ना निझवे ए रामा
छतिया के, तलफे त असहीं तलफे ए रामा,
छतिया के… लिलरा के…।

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ए रामा पिया परदेसिया, दरदिया ना जाने ए रामा
रोजे दिनवा, रहिया बलमुआ तिकावे ए रामा
रोजे …।

ए रामा चइत के बतिया, ललसवा जगावे ए रामा
कौनो दिनवा, पियवा आवे ना अपनावे ए रामा
कौनो दिनवा …रोजे …।

ए रामा सुधिया में अँखिया, फफाये डुबाये ए रामा
साइते दिनवा, पियवा से नाहीं बोलाये ए रामा,
साइते दिनवा… रोजे…।

ए रामा कोइली सबदिया, हियरवा हिकावे ए रामा
सभे ना दिनवा, बदरी पिरितिया प छाये ए रामा,
सभे दिनवा… रोजे….।

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ए रामा हमरा के छोड़ी के, परइले पिया बहरा ए रामा
छतिया पर, छतिया पर बिजुली गिरइले ए रामा,
छतिया पर…।

ए रामा उठऽ उठऽ ननदी, उठऽ ना बड़ भागिन ए रामा
तोहार भइया, तोहार भइया अचके परइले ए रामा,
छतिया पर….।

ए रामा बिहरेला छतिया, आ दरदिया बढ़ावे ए रामा
सारी रतिया, सारी रतिया छतिया में साले ए रामा,
छतिया पर…।

ए रामा नयना के कजरा, धूमिल अरमनवा ए रामा
उजग रतिया, रतिया के सहे ना बेदनवा ए रामा,
छतिया पर…।

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