विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल एगो भोजपुरी गीत

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गूंजे जयकार गूंजे जन जन दुआर गूंजे
गुंजेला बाजार में हमार भोजपुरिया
आर गूंजे पार गूंजे नदिया किनार गूंजे
गंगा जी के धरवा में गूंजे भोजपुरिया ।

खेत खरिहान गूंजे साँझ आ बिहान गूंजे
बंशिया के तान में गुंजेला भोजपुरिया
घर से कलेवा लेके आवेली बहुरिया त
अगराइल मान में गुंजेला भोजपुरिया ।

तिसिया के बीच गूंजे छेमिया नगीच गूंजे
खिंच खिंच चुनरिया गुंजेला भोजपुरिया
सरसो के सड़िया उडा़वेली बेअरिया त
अरिया पगरिया गुंजेला भोजपुरिया।

बीरना के गाँव गूंजे बीरना के नांव गूंजे
सिमवा प ठहके त गूंजे भोजपुरिया
शेरनी के दुधवा माई के हउए दुधवा
दुधवा के आन में गुंजेला भोजपुरिया।

कलम के सहारे गूंजे दम के सहारे गूंजे
सरगम धून बनी गूंजे भोजपुरिया
बेटा के बिअहवा में बन्हे जब पगिया त
सुख के सगाई में गुंजेला भोजपुरिया।

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