ठेला खीचे बेटा हमार

ठेला खीचे बेटा हमार करे नाही चोरीया
महनत करे पुत मोरा जाई के शहरीया,
नाही माँगे कोइ से कुछो मेहनत से कमाला
तबहुओ लोग काहे फेरे ला नजरीयाँ,,
हम नाही करी कोइ से उल्टा सीधा बतीया
तबहुओ लोग काहे लोग फेरेला नजरीया….

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दुख के मारल अब जाव त कहा जाव?
सभे करे लागल िजनगी के मोल भाव,
दु लाख ह मोल बजार मे बीके खातीर
ब्यान बाज जाले कही पइसा के अभाव,
खाना मे जहर दी चाहे जीयते जला दी
आपन डंका पीटी गरीब केतनो चील्लाव,
बीरयानी के प्लेट संधे चाटे रोज पुलाव
रे नीस्तानीया हमरो कभी के कुछ खीलाव

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आँगनबारी मे अब गैलेक्सी चले लागल
आँनलाइन जन्म पंजीकरण होखे लागल,
पहीले पोलीयो के सीस्टम होम डीलेभरी रहे
आपन भवीष्य लोग नेट पर देखे लागल,,
इ साल मे कउन नया टीका िवकिसत भइल
टइम डेट सब सबके सोझे लउके लागल…..

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