अड़धेङ्गया के मारल

देखे मे स्वस्थ बाकिर काम से जी चुरावे वाला का ओर इसारा बा। ई उक्ति आलसी आदमी खातिर बा। अड़धेङ्गया लकवा से मिलत-जुलत एगो रोग ह जेकर सिकाभइला पर आदमी के काम करे के छमता नष्ट हो जाला।

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