भोजपुरी भाषा के बिकास में कूदल भोजपुरी अध्यन तथा अनुसन्धान केन्द्र

“माई के दूध के साथे साथ सिखल गईल भाषा भोजपुरी,
संरक्षण करी संस्कृति सम्पदा के बिनती बा कर जोरी”

भोजपुरी भाषा के बिकास खतिरा भोजपुरी अध्यन तथा अनुसंधान केन्द्र द्वारा उठावल गईल एगो डेग जवन धीरे धीरे काठमांडू से लेके अभईनं पार्सा औरी बारा जिल्ला तक आगईल बा, धीरे धीरे भोजपुरियन लोग सब जुड़त जाता लोग।

“आत्मसम्मान, आपन पहिचान, भोजपुरी उत्थान खतिरा हमनी के अभियान ” के नारा के साथे “भोजपुरी भाषा संस्कृति के बिकास एवम अंतरास्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र गढ़ी माई ” बिषय के ऊपर आज बरियारपुर के भोजपुरी अध्यन तथा अनुसंधान केन्द्र के बरियारपुर शाखा के संयोजक पुनदेव चौधरी जी के आयोजना में बतकही कार्यक्रम भईल ह। जहवा भोजपुरी भाषा के बारिस्ट साहित्यकार जगदीश जी, गोपाल ठाकुर जी, रामप्रसाद जी, माननीय सभासद गण राम अयोध्या प्रसाद यादव , फुलझरी देबी औरी भोजपुरी के साहित्य से जुडल युवा कवि लोग आपन आपन रचना सुनवल ह लोग। ओइसेही संस्था के केन्द्रीय अध्यक्ष आनन्द गुप्ता जी, केन्द्रीय उपाध्क्ष सुनील पटेल जी, शिवनाथ साह जी, पार्सा जिल्ला के सह संयोजक अशोक जी, पत्रकार गण, स्थानीय भोजपुरी भाषी लोग औरी प्रशासन लोग के भी उपस्थिति पहुचल रहल।

अगर सभे कोई एहितरे भोजपुरी के बिकास में खुल्ला दिल औरी निस्वार्थी भावना से लाग जाव तब भोजपुरी के बाढ़ कईसनको बान्ह बान्हला से ना रोकाई I

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 × 4 =