डाकू रामकिशन का पोस्ट प्रोडक्शन जोरों पर

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डाकू रामकिशन का पोस्ट प्रोडक्शन जोरों पर

वाई आर एस फिल्म्स कृत भोजपुरी फिल्म “डाकू रामकिशन” का पोस्ट प्रोडक्शन पी.एन. पी. (नकुल) स्टूडियो, गोरेगांव पश्चिम, मुम्बई में जोरों पर चल रहा है। चैरीचैरा (यू.पी. ) में घटित कुछ सत्य घटनाओं पर आधारित इस एक्शन थ्रिलर के निर्माता रामकिशन, सहनिर्माता मुकेश शर्मा व वीरेन्द्र कुमार तथा पटकथा लेखक व निर्देशक ए. धीरेन्द्र हैं। संवाद-ंउचयधीरेन्द्र, रामकिशन, जीतू व धनंजयके हैं। गीत-ंउचयनरेन्द्रजीत व शंकर, संगीत-ंउचयगणेश पाण्डेय, एक्शन-ंउचयअसलम खान व धीरज चैधरी, सम्पादन-ंउचयअवध नारायण सिंह, कला रामबाबू,

नृत्य-ंउचयदिनेश बलराज तथा छायांकन रमेश नाथ का है। फिल्म के मुख्य कलाकार हैं-ंउचयरामकिशन, पलक तिवारी, मुकेश शर्मा, वीरेन्द्र कुमार,
आयशा शेख, दृष्टि वर्मा, रिंकू, हरजिंदर, वी.के. उपाध्याय, गोरख यादव,सूरज प्रेमी, गीता भारती, मुरलीधर शर्मा, देवा, महाकाल, अजय पांचाल,
रिंकू सिंह तथा जीतू जायसवाल।

“डाकू रामकिशन” एक सीधे साधे किसान के डाकू बनने की कहानी है। चैरीचैरा के पास धंगहा थानांतर्गत बेलवार गांव का एक भोला भाला किसान समाज में व्याप्त अराजकता के कारण डाकू बनने को विवश हो गया। लेकिन तन से डाकू बनने के बाद भी रामकिशन मन से वही सरल स्वभाव वाला किसान रहा। वह लूट के पैसे गरीबों में बांट देता था। अब गरीबों की बेटियों की शादी सुगमता से होने लगी थी और डाकू होकर भी रामकिशन स्थानीय गरीब लोगों का मसीहा बन गया था। रामकिशन को जनता का इतना प्यार मिलता रहा कि चार जिलों की पुलिस बस पीछा ही करती रही, कभी उसे पकड़ नहीं पायी। लेकिन पुलिस को हमेशा चकमा देने वाले रामकिशन अंतिम समय में एक औरत की बेवफाई का शिकार हो गये। फिल्म की 29 दिवसीय शूटिंग पलियाकलां, लखनपुर खीरी, गौरी बाजार, देवरिया, चैरीचैरा और गोरखपुर में की गई।

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