डॉ राधेश्याम केसरी जी के लिखल भोजपुरी कविता बा चुनाव क डंका बाजल

1
430

बा चुनाव क डंका बाजल, अब नेता अकुलाई।
हाथ जोड़ के सबका दुआरा, दउर-दउर उ जाई।

हमरा के उ आपन संगी, सबके उ समझाई।
सबका हित क बात करी ऊ, वादा में अँझुराइ ।

चट्टी- चट्टी लगा के मजमा, आपन बात बताई।
लाइन लेंथ लगाई आपन, आपन जीत बताई।

पार्टी से ना टिकट मिली त, दूसरा दल में जाई।
ओइजा जाके, उ पाटी क, खामी खूबे गिनाई।

न जीती,न जीते देही,उहो टांग अड़ाई।
अंदर-अंदर,सांठ-गांठ के, ठिका पर हो जाई।

नौजवान के नोकरी बांटी, अपना के आदर्श बताई।
अपने करी प्रशंशा आपन, दूसरा के गरियाइ ।

किसिम किसिम क वादा बांटी, जीते खातिर जोर लगाई।
गांव नगर में घूम घूम के, जात-पात क करी दुहाई।

चुपके-चुपके बांटी साड़ी, आपन रोब देखाई।
सगरो आपन भासन झाड़ी, अपने गीत बजाई।

थाक हार के जन्हवा बैठी, आपन गोल जमाई।
आगे क उ करी योजना, दारू मुर्गा खाई।

नोट बात के केहू आपन, वोटन के सरियाई।
कुल्ही बात ताखा पर राखी, जब संसद में जाई।

कहीं करी उ बुथो कब्ज़ा, केहू के धमकाई।
ओट अगर उ जीत गइल त, अपना के चमकाई।

तोहरा के उ झांसा देई, नीक-नीक बतियाई।
सबका से बा इहे निहोरा, केहू न पतिआई।

राष्ट्र बचावे वाला नेता, तोहके रह देखाई।
उ नेता हक़दार बानी जे, देसवा मोर बचाई।

भ्रस्ट आचरन खत्म करी जे, इहवां पांव जमाई।
जेकर नेक नीयत अच्छा बा, उहे ओटवा पाई।

रचनाकार: डॉ राधेश्याम केसरी
मोबाइल नंबर: +91-9415864534
ईमेल: [email protected]
गावँ + डाक: देवरिया
जिला: गाजीपुर(उ.प्र.)
पिन: 232340

1 COMMENT

एह पोस्ट पऽ रउरा टिप्पणी के इंतजार बा।

Please enter your comment!
Please enter your name here

13 + 15 =