विमल कुमार जी के लिखल चिपकाउ बिकाउ नेता

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कुरसी में चिपकाउ भइल
नेता सभ बिकाउ भइले।
कुरसी के तोल मोल करेले
गुना भाग खूब जोड़ करेले।
जितला प उ ताल ठोकले
जनता के देख नाक भौं सिंकोड़ले।
भिरी जाए में अइसे डरेले
जइसे जनता भकाऊँ भइले।
कुरसी से चिपकाउ भइल
नेता सभ बिकाउ भइले। ।

लाज सरम सभ घोर पी गइले
दिन रात गुंडागिरी कइला।
हमनीं के भोट खातिर
गोड़ गिर खूब लोटिअइले ।
हिन्दू मुस्लिम सभ भड़कइले
भाषण ई भड़काऊँ कइले।
कुरसी से चिपकाउ भइल
नेता सभ बिकाउ भइले ।।

जनता दुख से कीड़ा भइल
जब नेता लूटे के रफ्तार बढ़इले।
हरदम सुख से ई अगराले
रुपया पइसा प लोटिआले ।
एसी में चिपकाउ भइल
नेता सभ बिकाउ भइले। ।

खिलल अउर फुलाइल देश के
सभ रस चूसने के ई झुलसइले।
देशवा के ई कोढ़ धरइले
अंग अंग देश के गलइले।
चोर बदमाश सभ उतरइले
निमन सभ धराउँ भइले ।
कुरसी से चिपकाउ भइल
नेता सभ बिकाउ भइले ।।

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विमल कुमार
ग्राम +पोस्ट-जमुआँव
थाना-पीरो
जिला-भोजपुर (बिहार)

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