घट गइल बा

घट गइल बा
घट गइल बा

हमार बैंक बैलेंस घट गइल बा।
कनेकसन सब जगह से कट गइल बा।।

ई इसकूटर, फिरीज, रंगीन टी.वी।
बड़ा सस्ता में लइका पट गइल बा।।

बनी अब एकता के खीर कइसे।
नेह के दूध तनका फट गइल बा।।

मिली ओकर इहाँ पूड़ी जलेबी।
जे सच्चाई से तनिका हट गइल बा।।

उहे पक्का कवि हमरा बुझाला।
जे सम्मेलन के आगे डट गइल बा।।

तनी देखीं तऽ आई लभ यू के गाना।
इहाँ के बच्चा-बच्चा रट गइल बा।।

मिलल तनिको ना ओकरा जे बा पीड़ित।
खबर बा माल सारा बँट गइल बा।।

उहे पक्का मरद बाटे, ए ‘मिरजा’।
जे ससुरारी में आके डट गइल बा।।

– मिर्जा खोंच

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