डॉ. हरेश्वर राय जी के लिखल भोजपुरी कविता हमार जान ह भोजपुरी

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हमार सान ह
हमार पहचान ह भोजपुरी,
हमार मतारी ह
हमार जान ह भोजपुरी|

इहे ह खेत, इहे खरिहान ह
इहे ह सोखा, इहे सिवान ह,
हमार सुरुज ह
हमार चान ह भोजपुरी|

बचपन बुढ़ापा ह, इहे जवानी
चूल्हा के आगि ह, अदहन के पानी,
हमार साँझ
हमार बिहान ह भोजपुरी |

ओढिला इहे, इहे बिछाइला
कुटिला इहे, इहे पिसाइला,
हमार चाउर
हमार पिसान ह भोजपुरी |

इहे ह धरन, इहे ह छानी
हमरा पसीना के इहे कहानी,
हमार तीर ह
हमार कमान ह भोजपुरी |

कजरी ह बिरहा ह, इहे ह फ़ाग
इहे कबीरा ह इहे ह घाघ,
हमार बिरासत ह
हमार ईमान ह भोजपुरी |

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