भोजपुरी के बिना जितेन्द्र झा अधूरा है: जितेन्द्र झा

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भोजपुरी फिल्म जगत में लगभग गायक से एक्टर बनने का सिलसिला बरक़रार है। वही एक गायक एक्टर के रूप में लगभग हजारो स्टेज शो कर चुके भोजपुरिया दर्शोको के चहते जितेन्द्र झा का फ़िल्मी चकर पूर्ण रूप से शरू चूका है। जितेन्द्र झा मूल रूप से बिहार के निवासी है लेकिन शिक्षा दिक्षा उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से हुई है जितेन्द्र झा पूर्वांचल स्पोर्ट के साथ साथ भारत के एथलीट खिलाड़ी भी रह चुके है। 2002 से अब तक कई हजारो स्टेज शो से भोजपुरिया जगत में अपनी एक अलग पहचान बना लिया है। बीच – बीच में दो तीन फिल्मे भी की जिसमे गंगा मिली सागर सेे, गंगा के पार सईया हमार, बतासा चाचा, इत्यादि।

जितेन्द्र झा सम्पूर्ण एंकर के साथ साथ एक बेहतरीन गायक भी कहे जाते है आज लगभग दर्जनों से भी ज्यादा अलबमो में अपनी आवाज दे चुके है जिसमे जय शिव जय शिव, माई हिट कय द, माई विद्यायक बनवा, मारब लाठी के हूरा, इत्यादि प्रमुख है। आने वाले समय में एक बेहतरीन एक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोर रहे है। फिल्मो की बात हो तो 8 अगस्त से सूट हो रही फ़िल्म एक लैला छ छेला में मुख्य भूमिका के रूप में नजर आएंगे। अभी हाल में ही फ़िल्म गंगा घाट के मुहर्त में एक खास मुलाकात में मालूम चला कि फ़िल्म कुछ ख़ास ही कर रहे है। जिसका खुलासा उन्होंने नहीं किया पर आने वाले समय में एक बेहतरीन एक्टर में अपनी पहचान अवस्य बनाएंगे। भोजपुरी को माँ का दर्जा देते है जितेन्द्र झा जिस तरह माँ के बिना बच्चा अधूरा उसी तरह भोजपुरी के बिना जितेन्द्र झा अधूरा है।

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