काहे ना रोज मनावल जाव: भोजपुरी गीत

श्वेताभ रंजन
श्वेताभ रंजन

काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव
हर दिन उत्सव
हर पल उल्लास
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव

अँगुरी पकर के खेत तर
बचपन के ले जावल जाव
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव

काहे ना थरिया के थाप पे
रोज निर्गुण गावल जाव
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव।

शासक के कान के जरी
भोजपुरिया आग लगावल जाव
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव

सत्ता आ सरकार के लगे
आपन विरोध बतावल जाव
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव

भोजपुरिया सम्मान के खातिर
साहित्य के बाढ़ लगावल जाव
काहे ना रोज मनावल जाव
भोजपुरी गीत गावल जाव

सांभर:श्वेताभ रंजन

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