नेताजी क होली

तारकेश्वर राय जी
तारकेश्वर राय जी

रंगवा बदले में माहिर रउवा |
रंगदारी में तू बड़ा गहिर हउवा ||
देसवा के लुटे में लागल बानी |
बुड़ा के वादा आली नईया, भागल बानी ||

होली खेलत भीड़ देख के नेताजी ओहमे शामिल भईनी |
इम्तहान के परचा नियन, जइसे लिक भईनी ||
नेताजी के ई रूप देख के मनई चौकल |
देख के येह रूप के , कुकुरो भोकल ||

भीड़ में से एक जाना चिचिअइलन |
काका हो नेताजी एहिजा कइसे अइलन ||
बुझाते नइखे कवना बनुक के गोली ह |
नेताजी कहले “बुरा न मानों होली ह” ||

रंग, गुलाल से भईल शुरुवात |
भर फिचकारी रंग के होखे लागल बरसात ||
“अतिथि देवो भव:” वाला लोग रिश्ता निभावल |
नेताजी के संग सब ख़ुशी ख़ुशी होली मनावल ||

समइया के साथ होली के बिगड़े लागल रूप |
खांच, पाँक से खेले में यादव जी हउवे भूप ||
पटक, झटक के लोटे आ लोटावे लागल |
दौर दौर के धय धय कपड़ा फ़राए लागल ||

भागम भागी पटकल पटकाई से, नेताजी थकले |
भईल चिरौरी तबो गुजिओ ना भखले नाही तकले ||
फ़रात कुरता के नजारा देख नेताजी परइले |
निहोरा के बावजूद उ रोकले ना रोकईले ||

तारकेश्वर राय
ग्राम + पोस्ट : सोनहरियाँ, भुवालचक
जिला : गाजीपुर, उत्तरप्रदेश

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