गवना करवलअ ए हिर जी

गवना करवलअ ए हिर जी
अपने पुरुबवा गइलअ ए राम,,
गवना करवलअ ए हरी जी
अपने िवदेशवा गइलअ ए राम,,
जब जब याद आवे तोहरी सुरतीया
काटला से कटे ना इ बीरह के रितया
जीया छछनवलअ ए हरी जी
अपने बीदेशवा गइलअ ए राम…
कउनो सनेसवा ना पतीया पठवलअ
मोर िबरहीनीया के बड़ा तरसवलअ
रोवा डहकवलअ ए हरी जी
अपने पुरुबवा गइलअ ए राम…
गवना करवलअ ए हरी जी
अपने बीदेशवा गइलअ ए राम…

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