आन्हर गुरू बहीर चेला माँगे गुर ले आवे ढेला

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गुरू आन्हर होखे आ बाहीर चेला होखे त काम बिगड़ जाला। गुरू चेला से गुड़ माँगत बड़े, चेला बाहीर बा तगुड़ के जगह माटी के ढेला ले आके उनके देता |
गुरू ओके गुड़ समझ ले तारे। मतलब कि गुरू ज्ञान के आलोक से खुद वंचित बड़े। दोसरा के आलोकित कइसे करिहे। दूनू तरफ से स्थिति बिगड़ल बा। अइसन हालत में काम सही रूप से कइसे होई|

रउवा खातिर:
भोजपुरी मुहावरा आउर कहाउत
देहाती गारी आ ओरहन
भोजपुरी शब्द के उल्टा अर्थ वाला शब्द
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पहिलका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : दुसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : तिसरका दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : चउथा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : पांचवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : छठवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : सातवा दिन
कइसे भोजपुरी सिखल जाव : आठवाँ दिन

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