विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल चइती गीत

परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, आयीं पढ़ल जाव विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल चइती गीत (Chaiti Geet) , रउवा सब से निहोरा बा कि पढ़ला के बाद आपन राय जरूर दीं, अगर रउवा विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल गीत अच्छा लागल त शेयर आ लाइक जरूर करी।

ताही फुलवा

रामा डढ़िया लागल कँटवा, ताही ना डढ़िया फुलवा हो
रामा,
ताही फुलवा, ताही फुलवा भौंरा लोभाइल हो रामा, ताही। 1।

रामा जिनगी के सपना, सपनवा ना धुआँइल हो रामा,
हमार पियवा, हमार पियवा चुपहीं पराइल हो रामा, हमार। 2।

रामा कुहूँके ला जियवा, ना सधवा बुताइल हो रामा,
सँउसे रतिया, सँउसे रतिया काटे चोन्हाइल हो रामा,
सँउसे। 3।

रामा बेदना के बतिया, ना छतिया सहाइल हो रामा,
काँटे ना डढ़िया, हमरा जिनिगिया भेंटाइल हो रामा,
काँटे। 4।
——–

सुते पियवा

विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

रामा चइतऽ के रतिया ,भोरे के दाबे निंदिया हो रामा,
सुते ना पियवा, सुते पियवा निंदिया के मातल हो रामा,
सुते ।1।

रामा कोशिशऽ में कइलीं, कंगन खनकइलीं हो रामा,
फेरे ना पियवा, तनि एक लेई ना करवटिया हो रामा,
फेरे ।2।

रामा चुरूआ के पनिया, पपनिया भिजइलीं हो रामा,
तबो ना पियवा, तबो नाहीं पियवा जगइलीं हो रामा,
तबो। 3।

रामा लगऽ लागी रहलीं, बिलग नाहीं भइलीं हो रामा,
लगे ना लागी,लगे ना लागी जिनगी जुड़इलीं हो रामा,
लगे। 4।
——–

करेजवा में साले

रामा कोइली के बोलिया, करेजवा में साले हो रामा,
ननद बोलिया, ननद बोलिया जियवा के जारे हो रामा,
ननद। 1।

रामा मधवा के छतवा, मऽतली मधुमखिया हो रामा,
तऽइसे अँखिया, अँखिया नू रहिया निहारे हो रामा,
तइसे ।2।

रामा बेला फुलवा फूले, चमेली फुलवा फूले हो राम,
बलम के असरा, फुलवे अइसन खुशबू झारे हो रामा,
बलम। 3।

रामा पियवा के बतिया, जगावे अधरतिया हो रामा,
जीवन बतिया, जीवन बतिया आवे त कबारे हो रामा,
जीवन। 4।

विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल अउरी रचना पढ़ें खातिर क्लिक करीं

Leave a Reply