देवेन्द्र कुमार राय जी के लिखल भोजपुरी गीत चाहत के गीत गाईं कि ना

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देवेन्द्र कुमार राय जी
देवेन्द्र कुमार राय जी

प्यार कईले रहीं उ भेंटाई कि ना,
जवन सोचले रहीं उ बताईं कि ना।

रात दिन जवना मूरत खोजत रहीं
अपना भावना के फुलवा से पूजत रहीं,
एह आरती के सभके सुनाईं कि ना
प्यार कईले———–भेंटाई कि ना।

अपने से बात करीं अपने के डांटिले
मन के देवता के हम दिल से साटिले,
जाने कहियो उ हमके जताईं कि ना
प्यार कईले———–भेंटाई कि ना।

लागे कतनो अमावस में भोर हमरा
ईयाद आवते लचक जाला गोड़ हमरा,
एह चाहत के गीत गुनगुनाई कि ना
प्यार कईले ———–भेंटाई कि ना।

चाहीं जेकरा के हम जाईं ओही गली
देखि हमरा के उ दोसर ओसरा चली,
जाने बहिंया में हमरा उ आई कि ना
प्यार कईले———-भेंटाई कि ना।

कनखी से देखी देखि हम लजाईला
आह के आग में दिल जराईला,
ईजलन हमार कहियो बोताई कि ना
प्यार कईले रहीं उ भेंटाई कि ना,
जवन सोचले रहीं उ बाई कि ना।

देवेन्द्र कुमार राय
(ग्राम-जमुआँव, पीरो, भोजपुर, बिहार )

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