माई क इज्जत

तारकेश्वर राय जी
तारकेश्वर राय जी

बोले वाला भोजपुरी हई |
ई बोली गर के माला ह ||
नेह से बोलब त पूड़ी मिठाई |
फूहड़ गवईया खातिर भाला ह ||

जनमते सुनली इहे भाषा |
माई सिखवलस बरहो मासा ||
आजी,बाबा, सबकर दुलार |
एहि बोली से पवली पियार ||

धुरिये ओढ़ना धुरिये बिछौना |
धुरिया रोरी चन्दन ह ||
माई क गोड़वा के धुरिया |
दईबा के पूजा बंदन ह ||

जवन माई पललस पोसलस |
चिन्हवलस सिखवलस देहलस गियान ||
ओकर जिया कभी न हुलसे |
राख भाई ओकर धियान ||

फुहर गीत गाय गाय के |
जे मुहवा करिया करत ||
समझवला प समझत नइखे |
सुन के देहिया जरता ||

सुन ये बाबू, सुन ये भइया |
सुन ये गायक, सुन रचईया ||
गाई के कमइल खूबे रुपइया |
एह नुकसान क कईसे होइ भरपईया ||

तोहरा से “तारक” क, इहे बा निहोरा |
मत तोर गाई के, माई क सिन्होरा ||
मत लिख, गाव अईसन गीत |
फलब, फुलब पइब आसीस ||

माईभाषा के बचावे खातिर |
सबसे इहे गोड़धरिआ बा ||
सभे मिलके पार लगावे |
नाव जवन मझधारिया बा ||

तारकेश्वर राय
ग्राम + पोस्ट : सोनहरियाँ, भुवालचक
जिला : गाजीपुर, उत्तरप्रदेश

इहो पढ़ीं: भोजपुरी फिल्म मन के कचोट के भव्य मुहुर्त भइल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

7 + 19 =