विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल देवी गीत आ छठ गीत

0
विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

परनाम ! स्वागत बा राउर जोगीरा डॉट कॉम प, रउवा सब के सोझा बा विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल देवी गीत आ छठ गीत , पढ़ीं आ आपन राय दीं कि रउवा विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल देवी गीत आ छठ गीत कइसन लागल आ रउवा सब से निहोरा बा कि शेयर जरूर करी।

देवी गीत

दसो दुअरिया धंगीहऽ मइया,
चइत के चइत नमिया में,
मलिया के फुलवरिया मइया, चइत के …।

ढोल चमरूआ बाजी बजनवा,
चइत के चइत नमिया में,
गाँव के मंदिरिया माई बहरिया, चइत के…।

जगमग जगमग जरी दियनवा,
चइत के चइत नमिया में,
ना अन्हरिया टिकी दुअरिया, चइत के… ।

टेर लागी हो जै जयकरिया,
चइत के चइत नमिमा में ,
खोल दिहऽ तूँ माई नजरिया, चइत के…।

चमचम चमकी मइया तलवरिया,
चइत के चइत नमिया में,
विद्या धइले माई पगरिया, चइत के… ।

——-

धजा लहरे असमनवा, हवनवा के बेर भइल हो
माई हो तिकता घात के दुसुमनवा,
बतिया के कवन फेर भइल हो, माई…।

देई द हथवा कमनवा, हवनवा के बेर भइल हो
माई हो चूर कर दिहीं अरमनवा,
अपतवा नू ढेर भइल हो, माई…।

सिमवा बानीं हम बिरनवा, हवनवा के बेर भइल हो
माई हो पाक नइखे ओकर दमनवा,
बतिया के उटकेर भइल हो, माई….।

सुरूज के भइल दरसनवा, हवनवा के बेर भइल हो
माई हो दे द ना आपन बरदनवा,
पुतवा नू तोहार शेर भइल हो, माई….।

——-

चढ़ते चइतवा मइया अँगना लिपइलीं हो,
असनिया लइबु ना,
मइया सरधा पुरइबु हो, असनिया…।

बोली के बजजवा से चुनरिया मंगइली हो,
हरसी जइबु ना,
मइया बड़ी अगरइबु हो, असनिया….।

निमिया के डढ़िया रेशम डोरिया लइलीं हो,
झुलत जइबु ना,
मइया पचरा सुनइबु हो, असनिया…।

माटी के कलशिया में जलवा भरइलीं हो,
पिअल जइबु ना,
मइया शीतल जुड़इबु हो, असनिया…।
——

छठ गीत

विद्या शंकर विद्यार्थी जी
विद्या शंकर विद्यार्थी जी

कातिक मास के डलवा उठावे,
बबुआ आवऽ आवऽ गाँव
छठी माई के अरघऽ दे रिझावे, बबुआ…।

घरे घरे छठ होता गुंजत बा नगरिया
बहरा से आइल बाड़न सब नोकरिहा
उखिया के किने ना पटावे, बबुआ….।

दवनी में डाला बान्ही सिरवा पगरिया
डलवा लेईके चलिहऽ गाँव के पोखरिया
ओरी घर के झोल झाल हटावे, बबुआ…।

बिनल धोअल गेहुँमा चकरिया में पीस के
गोड़ नेम से लागे के बा उगत जगदीश के
हाली जाके मौसी के बोलावे, बबुआ…।

झुकु झुकु पनिया में उतरी हो नेहइहऽ
मनवा में सोची के तूँ ओहिजे से अइहऽ
आदर भाव ना मन के देखावे, बबुआ…।

विद्या शंकर विद्यार्थी जी के लिखल अउरी रचना पढ़ें खातिर क्लिक करीं

Leave a Reply