डॉ. हरेश्वर राय जी के कुछ बेहतरीन भोजपुरी रचना

डॉ. हरेश्वर राय जी
डॉ. हरेश्वर राय जी

काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार

काहे मारेल मुसुकिया तू अइसन जनमार
कइल हियरा में हमरा दरारे-दरार I

मिलब त तोहके बताइब संघतिया
मुंहवा में तहरा लगाइब भभूतिया
तहरा मुस्की मिसाइल से होई तकरार I

दोसरा के देखि के तूं काहे मुसुकइल
वादा कइलका तूं काहे ना निभइल
दिलफेंक बनल छुटी तहार एही एतवार I

आव लवटि के तूं बउवा हरेसर
दिहब छोड़ाई तहार बनल परफेसर
तहरा मुस्की प बाटे हमार एकाधिकार I

जीय हो जीय ढाठा

जीय हो जीय ढाठा
साठा में बनल रह बाईस के पाठा
जीय हो जीय ढाठा I

तोहके खियाइब मलीदा मलाई
बोतल के बोतल पियाइब दवाई
भुअरी के घीव से बनाइब फराठा
जीय हो जीय ढाठा I

तहरा के नयका पोशाक सियवाइब
महँगा मोबाइल जियो के किनवाइब
जूता पेन्हाइब तोहके नाइकी आ बाटा
जीय हो जीय ढाठा I

आन्ही आ पानी से तोहके बचाइब
फुलवा के सेजिया प तोहके सुताइब
एह जिनिगी के रही तहरा नावे बीसो काठा
जीय हो जीय ढाठा I

तहरा के तनिको उरेब केहु बोली
खाई हरेश्वर के सीना में गोली
उनुकर कुटाई जाई चौके प लाटा
जीय हो जीय ढाठा I

देंह फागुन महीना हमार भइल बा

हमार जहिआ से नैना दू से चार भइल बा,
हमरा भितरा आ बहरा बिहार भइल बा I

पहवा फाटल हिया में अंजोर हो गइल,
पाँख में जोस के भरमार भइल बा I

जाल बंधन के तहस नहस हो गइल,
संउसे धरती आ अम्बर हमार भइल बा I

पूस के दिन बीतल बसंत आ गइल,
देंह फागुन महीना हमार भइल बा I

महुआ फुलाइल आम मोजरा गइल,
हमरा दिल में नसा बरियार भइल बा

पतझड़ भइल अनंत

रमकलिया के गाँव से
रूठ गइल मधुमास I

कोकिल से कंत बसंत रूठल
थापन से मिरदंग
कलियन से अंगड़ाई रूठल
फागुन भइल बेरंग I

परबतिया के पाँव से
लूट गइल अनुप्रास II

हरिया से होरी रूठल
हल्कू से सब खेत
छठिया से चूड़ी रूठल
बुधिया मर गइल सेंत I

करिया कगवा के काँव से
असवा भइल निरास II

फूलन से भौंरा रूठल
मोजर से रूठल सुगंध
फुलवारी से तितली रूठल
पतझड़ भइल अनंत I

बीच भँवर में नाव से
उठ गइल बिसवास II

प्यार में तोहरा पागल जिया हो गइल

प्यार में तोहरा पागल जिया हो गइल
मोर निंदिया उड़ल चिड़िया हो गइल I

हमरा खाए नहाए के सुध ना रहल
ई सरिरिया सुखल छड़िया हो गइल I

दढ़िया बढ़ल केसवा अझुरा गइल
हमार दिलवा जरत बीड़िया हो गइल I

केहू पागल दीवाना काकादो कहल
केहू कहल कि ई बढ़िया हो गइल I

हमरा पंजरा कहेके त बहुत कुछ रहे
बाकि मिलनी त जीभ बुढ़िया हो गइल I

सुन ए गिरि बाबा

सब कुछ करब हम करब ना नेतागिरी
सुन ए गिरि बाबा, हेने आव हमरा भीरी I

झूठहिं ओढ़ आ झूठे बिछाव
बकर सुनावे खातिर बगली कटाव
हमसे ना होई भाँटगिरी
सुन ए गिरि बाबा, हेने आव हमरा भीरी I

हिनका मनाव आ हुनका पियाव
लबरु आ झबरु के कुरता सियाव
भोट खाती कर मारामारी
सुन ए गिरि बाबा, हेने आव हमरा भीरी I

खेत बेंचाई बगइचा बेंचाई
खाली फुटानी में जाई कमाई
इज्जत के होई किरकिरी
सुन ए गिरि बाबा, हेने आव हमरा भीरी I

बउआ हरेशवर से होई लड़ाई
टूटी जाई बरसों से बनल मिताई
बढ़ीयाँ त एकरा से बाटे बाबागिरी
सुन ए गिरि बाबा, हेने आव हमरा भीरी I

हमरा प्यार हो गइल

हमरा रोग एगो बड़ी बरियार हो गइल
प्यार हो गइल हमरा प्यार हो गइल I

तीख नयनन के बान से बेधाइल जिया
हमार जियरा बेचारा शिकार हो गइल I

केकरो रूप के नसा आँख में आ बसल
हमरा अँखिया से निंदिया फरार हो गइल I

कवनों पुरवा निगोड़ी के पा के छुवन
दर्द दिल के समुन्दर में ज्वार हो गइल I

हमार अरमान बा रोग निकहा बढ़े
अब त जिए के इहे आधार हो गइल I

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